यारों के यार सुनील शर्मा ने महफिल लूट ली

प्रशांत रायचौधरी

(श्रोता  की कुर्सी से)

कुछ दिनों पहले इंदौर के इसी रवींद्र नाट्य ग्रह में चिंतन रॉकस्टार को किशोर कुमार में पूरी तरह रमते देखा था। तब ऐसा लगा था कि यह सबसे अच्छा प्रोग्राम है  लेकिन रवींद्र नाट्य ग्रह में ही सुनील शर्मा ने किशोर दा को ऐसे निभाया कि लगा आसमान से किशोर दा उतर आए  हों। महू की शिफा अंसारी ने भी आशा भोसले  को बखूबी निभाया।  ऐसा लगा इंदौर और महू क्षेत्र में शिफा से बेहतर कोई स्टेज परफॉर्मर फिलहाल नहीं है।  इसीलिए देशभर में शिफा को आमंत्रित किया जाता है।

सुनील शर्मा को जो लोग हर साल प्रोग्राम करते देखते हैं उनका भी कहना था यह जो भीड़ दिख रही है उसमें ज्यादातर सुनील का प्रोग्राम देखते हैं और साल भर इंतजार करते हैं। चिंतन हो या सुनील शर्मा दोनों ही किशोर दा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। डुएट भी सब तालियों की गड़गड़ाहट में दिवाली के पटाखे जैसी खुशियां दे रहे थे। फीफा के अलावा प्रीति सोनी और षोडशी कन्या निष्ठा कंधारा ने खूब तालियां बटोरी। लाइव म्यूजिक और साउंड सिस्टम रोजाना होने वाले कार्यक्रमों से बेहतर था।

ब्रिटिश इंस्टिट्यूट ऑफ स्पोकन इंग्लिश एंड पीडी के स्पॉन्सरशिप में एवं इंस्टीय्टूट के प्रमुख विजया सूद व विपिन सूद के आतिथ्य में हुए इस   कार्यक्रम को लंबे समय तक याद रहेगा। खासकर सुनील शर्मा की अदायगी, बॉडी लैंग्वेज, एक्शन, डांस,श्रोताओं से आत्मीयता और अपने गुरुओं को भरपूर सम्मान देने की वजह से उन्होंने दिल में जगह बना ली। उनको सुनने के लिए कई लोग दूसरे शहरों से भी आए थे। यारों के यार माने जाते हैं सुनील शर्मा। उनकी बेटी  शिक्षा ने बहुत बढ़िया संचालन किया जिससे दर्शक अंत तक कार्यक्रम में बने रहे।

सुनील शर्मा ने बैक टू बैक कई गाने गाए जिससे मंच पर अतिथियों के बार-बार आने के बाद भी गाने  निपटते  चले गए।

सुनील ने शुरुआत गाड़ी बुला रही है सीटी बजा रही है गाना से बखूबी किया लेकिन कितने अटल थे तेरे इरादे गाना आते आते वे महफिल लूट चुके थे। इस बीच उन्होंने *ये जो मोहब्बत है,* ये जवानी है दीवानी, टाइटल सॉन्ग तेरे जैसा यार कहां , चला जाता हूं किसी की धुन में, मेरी भीगी भीगी सी पलकों में रहके , जीवन के दिन छोटे सही , जो राह चुनी तूने आदि सोलो सॉन्ग गाकर  वाहवाही पाई।। उन्होंने शिफा अंसारी के साथ तुम मिले प्यार से मेरा जीना गंवारा हुआ , तेरी मेरी दोस्ती प्यार में बदल गई, निष्ठा के साथ कांची रे कांची रे,जाने कैसे कब कहां इकरार हो गया , प्रीति सोनी के साथ मैं तेरे प्यार में पागल,*नैनों में सपना*जैसे गाने गाए। प्रीति सोनी भी मंजी हुई सिंगर है इसलिए कहना होगा सभी सुरीली शख्सियत ने श्रोताओं का दिल जीत लिया।

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