प्रशांत रायचौधरी

इंदौर। आकाश में बादल उमड़-घुमड़ रहे थे,बारिश की उम्मीद थी, लेकिन  पानी की बूंदों की बारिश नहीं हुई तो क्या हुआ..बारिश तो प्रीतमलाल दुआ सभागार के अंदर हुई सावनी गानों की। गोल्डन इरा द्वारा आयोजित कराओके से हुए प्रोग्राम “रिमझिम के, गीत सावन गाए “..में तीन घंटे से ज्यादा समय कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। इस कार्यक्रम में कई फ्रंटलाइन सिंगर नहीं थे लेकिन कमी महसूस  नहीं हुई।

प्रोग्राम  में  16 सिंगर थे जिसमें 4 महिला सिंगर थीं। सभी ने अच्छा गाया तो कुछ ने बहुत अच्छा गाया। सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं डाक्टर ललित शुक्ला ने। गाने के बोल थे रंग और नूर की बारात किसे पेश करूं (फिल्म-गजल)। डॉक्टर ललित ने इस गाने को हाई पिच पर भी इतनी तल्लीनता से गाया कि यदि उनके मरीज सुनें तो वे भी ठीक हो जाएं। शुरू में तीन गाने लगातार किशोर कुमार के, पल-पल दिल के पास (प्रवीण तुंगारे),ये शाम मस्तानी (कीर्तेश छाजेड़) व एक लड़की भीगी भागी सी (मनोज पंवार) ने गाए।

मनोज से युडलिंग थोड़ी भले ही बिगड़ी, लेकिन जब उन्होंने कुछ ना कहो,कुछ भी ना कहो गाया.. तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम के प्रमुख हर्षवर्धन श्रीवास्तव व राज्यवर्धन श्रीवास्तव,हर्षिता श्रीवास्तव व सुनीता श्रीवास्तव ने भी अच्छी प्रस्तुतियां दीं। राज्यवर्धन  ने वैशाली करमवलकर के साथ title song रिमझिम के गीत सावन गाए..  गाकर वाहवाही लूटी।

सुनीता श्रीवस्तव ने जब  आ,आ जाने जा,आ मेरा ये हुस्न जवां,जवां..गाया तो श्रोता  देर तक तालियां बजाते रहे।। सीमा निगम को ओ सजना बरखा बहार आई.. व अबके बरस भेज भैया को बाबुल.. जैसे गंभीर गानों पर भरपूर दाद मिली ।राजकुमार असाटी ने तू इस तरह से मेरी जिंंदगी में शामिल है.., डॉक्टर प्रमोद बंसोड़ ने रिमझिम घिरे सावन..,डाक्टर ललित शुक्ला ने यूं रूठो ना हसीना..,वैशाली करमवलकर ने अब के सजन सावन में.., अरुण महेंद्रु ने तुमसे अच्छा कौन.. है में गाने के जौहर दिखाए। चैन सिंह,जेसी शर्मा .व सीएस चौहान ने भी तालियां बटोरीं।

सीमा निगम

पिता हर्षवर्धन श्रीवास्तव ने पुत्री हर्षिता के साथ जानेमन, जानेमन,तेरे दो नयन ..गाया। हर्षिता का यह पहला प्रोग्राम था इसलिए थोड़ा नर्वस लगीं। वे मेरे दो नयन,चोर नहीं सजन लाइनों  में  थोड़ी धीमी हो गई थीं। लेकिन हर्षिता ने बांहों में चले आओ.. बढ़िया गाया।

कार्यक्रम  बेहद अनुशासित  था। न तो सिंगर व श्रोताओं के बीच हाथ या गर्दन हिला कर अभिवादन हो रहा था न ही श्रोतागण बेवजह कमेंट्स कर रहे थे। जैसा कि  अन्य संगीत प्रोग्रामों में होता रहता है।

 

5 Comments

  • Raj, July 4, 2022 @ 4:43 am Reply

    Waaaaahhhhh 👏👏

    Kya Baat Hai 👏👏

  • Raj, July 4, 2022 @ 4:44 am Reply

    Waaaaahhhhh 👏👏

    Kya Baat Hai 👏👏👏

  • Hemant Poundarik, July 4, 2022 @ 12:29 pm Reply

    Wah wa kya baat he …It was a wonderful program 👍👍👍

  • Rajendra Prasad Jhunjhunwala, July 5, 2022 @ 1:55 am Reply

    Sunita Srivastava is a very talented singer. I wish her all the success.
    In particular she sings all Asha Bhosle ‘s songs exclusively well.
    Aa jane ja……must be wonderful.

  • Sunita Shrivastava, July 5, 2022 @ 2:50 am Reply

    Prashant sir….
    Thank you so much for such wonderful,Lovely description about us,about our Golden Era😊🙏🌹

Leave a Reply

Your email address will not be published.