रश्मिता शर्मा,

वामा….….

आया समय ,

उठो तुम वामा

नर की प्रबल-प्रेरणा बन

हर बाधा को हरना है।

चार-दीवारी के बंधन तोड़

युग परिवर्तन तुम्हें करना है।

  आया समय ,

जागो तुम वामा

नई कहानी तुम्हें गढ़नी है।

नारायण से स्कंध मिला,

ताकत तुम्हें बनना है।

एक नए संसार की रचना कर ,

युग परिवर्तन तुम्हें करना है।

  आया समय

जागो तुम वामा

ऊँची -उड़ान  भर ,

तितली बन आसमान में उड़ना है ।

अपनी परम्पराएँ खुद बना

युग परिवर्तन तुम्हें करना है।

 

इन्दौर

4 Comments

  • Durgesh Nandini Choudhary, June 30, 2022 @ 9:46 am Reply

    Waah Man Ko Chhu gai😊💐💐

  • Surekha sarode, June 30, 2022 @ 10:49 am Reply

    Excellent

  • Pankaj Das, June 30, 2022 @ 12:28 pm Reply

    Beautiful composition.

  • Ragini, June 30, 2022 @ 12:58 pm Reply

    सुंदर रचना

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