पूजा ठाकुर

लोग क्या कहेंगे यह डर दिखाया जाता है

नारी कभी हारती नहीं उसे हराया जाता है

ममता और बलिदान की मूरत है नारी

दो प्यार के शब्दों की भूखी है नारी

अगर आवेश में हो नारी तो नदियों का बैग है

तूफानों से तेज है

नहीं छोड़ती जो उसके विरुद्ध है

नारी की फितरत नहीं तबाही की वह तो चाहती है

जिंदगी में प्यार और खुशहाली

नाजुक है निर्मल है कोमल है

मोहब्बत ज्यादा नफरत कम है

इसलिए तो दबाया जाता है

लोग क्या कहेंगे यह डर दिखाया जाता है

नारी कभी हारती नहीं हराया जाता है

4 Comments

  • Julie Anand, March 7, 2021 @ 10:42 am Reply

    Hi पूजा बहुत ही उम्दा अभिवक्ति, हमेशा खुश रहो और ऐसे ही लिखते रहो

  • Julie Anand, March 7, 2021 @ 10:46 am Reply

    लोग क्या कहेंगे हम क्यों सोचे, एक नारी को ही दूसरी नारी को पहले समझना पड़ेगा,वो किसी से भी कम नहीं अपने रौद्र रुप में आ जाए तो दुर्गा, काली बन जायेगी ,सभी को उसकी देह की परिकल्पना न करते हुए उसकी संवेदना को समझना पड़ेगा

  • Sanjay joshi, March 7, 2021 @ 12:55 pm Reply

    बहुत खूब????????????????

  • Sanjay joshi, March 7, 2021 @ 12:56 pm Reply

    बहुत खूब बिल्कुल सच है????????????????

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