नई दिल्ली/टीम डिजिटल। वायु प्रदूषण वैसे तो हर व्यक्ति के लिए खतरनाक है, लेकिन नवजात शिशुओं को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है। वो बच्चा जिसका इस वायु प्रदूषण को बढ़ाने में कोई हाथ नहीं होता इसकी वजह से अपनी जान गंवा देता है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर-2020  ने मंगलवार को एक रिपोर्ट जारी की, जिसके आंकड़े हैरान करने देने वाले हैं। इसके अनुसार बीते वर्ष भारत में 1.16 लाख नवजात शिशुओं  की मौत प्रदूषण के कारण हुई।

इन मौतों के दो मुख्य कारण है, एक घरेलू प्रदूषण जिसमें बीते 10 सालों में कमी आई है। दूसरा बाह्य प्रदूषण जो पीएम 2.5 की ज्यादा मात्रा के कारण बढ़ता है। घरेलू प्रदूषण में कमी आने का कारण है स्वच्छ ईंधन का विस्तार होना। बताया जा रहा है कि बीते 10 सालों में घरेलू प्रदूषण के संपर्क में आने वालों की संख्या में पांच करोड़ की कमी हुई है। ये एक सकारात्मक सूचना है।

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